गंभीर श्वसन रोग और इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों की निगरानी, ​​निजी अस्पतालों से भी सहयोग की अपील होगी

गंभीर श्वसन रोग और इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों की निगरानी, ​​निजी अस्पतालों से भी सहयोग की अपील होगी

 


यह भी पढ़े : पूर्वी चम्पारण : क्या यही है सोशल डिस्टेंसिग

• प्रधान सचिव ने पत्र लिखकर दिया निर्देश 

• जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी किये गए नामित 


यह भी पढ़े : युवक को दूसरे की बीबी के साथ टिकटोक वीडियो बनाना पड़ा भारी, पति ने कर दी पिटाई, स्थिति हुई नाजुक

• कोविड-19 के प्रसार को रोकने में होगी आसानी 

 


यह भी पढ़े : उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने रामगढ़वा भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रमोद कुशवाहा द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की

छपरा: कोरोना को मात देने के उद्देश्य से राज्य में कई अहम् कदम उठाये जा रहे हैं. राज्य में अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ संदिग्धों को आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है. इसी कड़ी में सरकार द्वारा एक और अहम फैसला लिया गया है. अब राज्य भर में गंभीर श्वसन रोगियों एवं इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों से पीड़ित लोगों की निगरानी का भी फैसला लिया गया है. साथ ही इसमें निजी अस्पतालों को भी सहयोग करने की अपील की गयी है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर विस्तार से दिशा निर्देश दिया है.

 


यह भी पढ़े : रामगढ़वा में जहानाबाद, मुम्बई हरिद्वार व अन्य जगहों से बाहर से आए बीस लोगों को किया गया क्वारंटाइन

कोविड-19 के प्रसार को रोकने में होगा सहायक: 

पत्र के माध्यम से प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया है कि भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर राज्य में कई स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं, जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय(भारत सरकार), इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल मेडिकल रिसर्च( नईदिल्ली) एवं केयर, यूनिसेफ एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे संस्थाओं के विशेषज्ञों द्वारा जारी किये गये सलाह को निरंतर साझा किया जा रह है. इसी कड़ी में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए गंभीर श्वसन रोगियों एवं इन्फ्लुएंजा जैसे रोगों से पीड़ित लोगों की निगरानी की जरूरत भी महसूस की गयी है. 


यह भी पढ़े : थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर अवस्थित किराना दुकान से नगद सहित रु 50000 का सामान चोरी

 

आईएलआई एवं एसएआरआई की अस्पतालों  में होगी निगरानी: 

पत्र के माध्यम से बताया गया है कि आईएलआई( इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) एवं एसआरएआई( सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) की स्क्रीनिंग एवं निगरानी अस्पतालों में की जानी है क्योंकि अस्पतालों में इन रोगों को लेकर बहुत सारे मरीज भर्ती होते हैं. आईएलआई सर्विलांस सभी फ्लू क्लिनिक में होनी है जिसका निर्माण सभी सरकारी अस्पतालों में एवं निजी अस्पतालों के ओपीडी में किया गया है. वहीँ सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं निजी अपस्ताल आईएलआई एवं एसआरएआई सर्विलांस के लिए प्रहरी साईट की तरह कार्य करेंगे. 

 

सर्विलांस के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ये एक्शन होंगे महत्वपूर्ण: 

• सभी आईएलाई एवं एसआरएआई केसेज की जिले में होगी लाइन लिस्टिंग( सरकारी एवं निजी अस्पतालों में)

• संदिग्ध कोरोना मरीजों के सैंपल होंगे एकत्रित 

• टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार आईसोलेशन की सुविधा एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक कोरोना मरीज का ईलाज 

 

जिला अधिकारी के नेतृत्त्व में जिले में नोडल पदाधिकारी नामित: 

 जिले में इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस एवं सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रभावी सर्विलांस को लेकर जिला अधिकारी के नेतृत्त्व में जिले में नोडल पदाधिकारी नामित किये गए हैं, जिसमें डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट- इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. इससे संबंधित सभी तरह के दिशा-निर्देश राज्य के सर्विलांस पदाधिकारी द्वारा जिले के सर्विलांस पदाधिकारी को नियमित तौर पर भेजे जाएंगे. 

 

इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस को जानें: 

गंभीर श्वसन संक्रमण के साथ: 

• 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक  शारीरिक तापमान 

• खाँसी 

• पिछले 10 दिनों से लक्षण का आना  

  

सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस को जानें: 

गंभीर श्वसन संक्रमण के साथ: 

• 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक  शारीरिक तापमान की हिस्ट्री

• खाँसी 

• पिछले 10 दिनों से लक्षण का आना  

• अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो