गरीबों असहाय कमजोर के उत्थान के लिए जाने जाते हैं, पशुपालन मंत्री-अवधेश

गरीबों असहाय कमजोर के उत्थान के लिए जाने जाते हैं, पशुपालन मंत्री-अवधेश

मोतिहारी,पू०च०।
सुगौली प्रखण्ड के विभिन्न स्थानों में पशुओं में होने वाले गलाघोंटू व लँगड़ा बुखार रोग से बचाव को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सह निजी पशु टिकाकर्मी अवधेश कुमार गुप्ता के द्वारा पशुओं को एचएस-बीक्यू  टीका लगाकर, पशुपालकों को जागरूक किया गया। पशुपालकों को जागरूक करते हुए निजी पशु टिकाकर्मी सह सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं पशुपालन मंत्री मुकेश साहनी के द्वारा पशुपालकों, किसानों का ख्याल रखते हुए अनेकों योजना चलाई जा रही हैं, ताकि सभी पशुपालकों को निःशुल्क इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारे पशुपालन मंत्री मुकेश साहनी, गरीब, असहाय, कमजोर, हाशिये पर बैठे लोगों के उत्थान के लिए जाने जाते हैं। गलाघोंटू रोग मुख्य रूप से गाय तथा भैंस को लगता है। इस रोग को साधारण भाषा में गलघोंटू के अतिरिक्त डकहा भी कहा जाता है। इस रोग से पशु अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते है। यह मानसून के समय व्यापक रूप से फैलता है। अति तीव्र गति से फैलने वाला यह जीवाणु जनित रोग है। गलाघोंटू बहुत खतरनाक रोग है। लक्षण के साथ ही इलाज शुरू न होने पर एक-दो दिन में पशु मर जाता है। इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार होती है। पीड़ित पशु के मुंह से ढेर सारा लार निकलता है। गर्दन में सूजन के कारण सांस लेने के दौरान घर्र-घर्र की आवाज आती है। वही लँगड़ा बुखार को लेकर टिकाकर्मी गुप्ता ने कहा कि लंगड़ा बुखार को एकटंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग प्रायः सभी स्थानों पर पाया जाता है। मुख्य रूप से इस रोग से गाय, भैस व भेड़ प्रभावित होती है। इसमें पशुओं को साधारण ज्वर तथा मांसल भाग का दर्दयुक्त सूजन एवं लंगड़ापन प्रमुख लक्षण है। पशु सुस्त होकर खाना पीना छोड देता है। लँगड़ी बुखार से पशु के पिछली व अगली टांगों के ऊपरी भाग में भारी सूजन आ जाती है। जिससे पशु लंगड़ा कर चलने लगता है या फिर बैठ जाता है। इसके बचाव के बारे में उन्होंने कहा कि बीमार पशु को अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए। जिस स्थान पर पशु मरा हो उसे कीटाणुनाशक दवाइयों, फिनाइल या चूने के घोल से धोना चाहिये। पशु आवास को स्वच्छ रखें तथा रोग की संभावना होने पर तुरन्त पशु चिकित्सक से सम्पर्क कर सलाह लेवें। वही ग्रामीणों ने निजी पशु टिकाकर्मी सह स्वयंसेवक श्री गुप्ता द्वारा किये जा रहे कार्यों की  प्रशंसा की, ग्रामीणों ने कहा कि स्वयंसेवक विगत दस वर्षों से निजि पशु टिकाकर्मी के रूप में हम सभी पशुपालकों की सेवा करते रहे हैं। मौके पर पशु टिकाकर्मी रणधीर कुमार, शत्रुधन साह, प्रवीण कुमार, रोहित कुमार, उपस्थित थे।