पंचायतों में आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश

पंचायतों में आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश

•    5 वीं राज्य वित्त आयोग के अनुदान मदद की राशि का होगा इस्तेमाल 
•    पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र 


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पूर्णियाँ/ 2 अप्रैल : 

कोरोना के खिलाफ़ देश के साथ राज्य भी मजबूती से लड़ रहा है. अब जिलों में, पंचायती राज भी इस जंग में योगदान देता दिखेगा. जिलों में पंचायतीराज संस्था कोरोना महामारी की रोकथाम करने के लिए आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने व लोगों को इससे संबंधित आवश्यक जानकारी देने का काम करेंगी. कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए पंचायती राज संस्थाएं पंचम राज्य वित्त आयोग के अनुदान मद की राशि का इस्तेमाल करेंगी. इसको लेकर पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने बिहार के सभी जिलाधिकारी, उपविकास आयुक्त व जिला पंचायत पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आवयश्यक दिशा निर्देश दिया है. 
सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने कहा कि पत्र द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए इसकी रोकथाम व आवश्यक सामग्रियों की जरूरत मुहैया कराने व जागरूकता लाने के लिए पंचायती राज संस्था के सभी लोगों को काम करने कहा गया है. पंचायत प्रतिनिधियों को किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए हर समय मुस्तैद रहना है. पंचायतों में आने वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाये गये आइसोलेशन वार्ड सहित क्वरेंटाइन सेंटरों पर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने में स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलना है. 


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अनुदान राशि से सुनिश्चित किये जाने हैं ये कार्य: 

•    इस मद की राशि से प्रतिनिधियों व कर्मियों की सुरक्षा के लिए मास्क, हैंड गलव्स, सेनिकटाइजर, साबुन आदि आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर खरीद कर की जा सकती है. 


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•    ग्राम पंचायतें, पंचायत स्तरीय आइसोलेशन कैंप में सभी सुविधाएं जैसे हैंड गलव्स, मास्क, सेनिकटाइजर, साबुन आदि सभी जरूरी सामग्रियों की व्यवस्था करेगी.

•    ग्राम पंचायत क्षेत्र में सामान्य स्वच्छता का काम जैसे ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव आदि सभी आवश्यक व्यवस्था के लिए इस मद की राशि का उपयोग करेगी. 


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मुखिया भी कर रहें सहयोग :
पंचायत स्तर पर मुखिया भी कोरोना के खिलाफ़ जंग में सरीक हो गए हैं. उन्हें भी अपने पंचायत में कोरोना को लेकर जागरूकता एवं बाहर से गाँव लौटने वाले लोगों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गयी है. प्रवासियों के गाँव पहुँचने पर मुखिया इनकी जानकारी जिला कंट्रोल रूम में दे रहे हैं. लोगों को सामाजिक दूरियों के बारे में जानकारी दे रहे हों एवं बनाये गए आईसोलेशन वार्ड की भी पूरी खबर रख रहे हैं. 

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी: 


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•    कार्य-स्थल, ऑफिस एवं सार्वजानिक जगहों पर लोगों से 1 मीटर की दूरी बनायें.
•    भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें. सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए कोरोनावायरस पर प्रभावी रोकथाम लगायी जा सकती है. 
•    हाथों को समय समय पर 20 सेंकेंड तक जरूर धोंये. हाथ मिलाने से परहेज करें. 
•    खांसी, जुकाम व छींक आदि होने पर मास्क का इस्तेमाल करें. साथ ही यदि किसी अन्य को है तो उसके संपर्क में आने से बचें.